डोरेमॉन ने अपनी जादुई जेब से 'रोबोट निर्माण किट' निकाली। "इससे तुम अपने खुद के रोबोट बना सकते हो," डोरेमॉन ने समझाया।
नोबिता घबरा गया। डोरेमॉन ने कहा, "गलती तो तुम्हारी है, अब इसे सुधारना भी तुम्हारा कर्तव्य है।"
अंत में डोरेमॉन ने मुस्कुराते हुए कहा, "देखा नोबिता, असली हीरो वो नहीं जिसके पास ताकत हो, बल्कि वो जो अपनी गलती सुधारने का साहस रखता है।" doraemon nobita and the steel troops hindi
सारे रोबोट वापस छोटे हो गए। नोबिता ने उन्हें दोबारा सही तरीके से बनाया - अब वे मददगार रोबोट थे।
ये इस्पात सिपाही शहर में आतंक मचाने लगे। उनका नेता 'मेटल किंग' बोला, "हम सारी दुनिया को इस्पात में बदल देंगे!" "गलती तो तुम्हारी है
नोबिता ने खुश होकर कई छोटे रोबोट बनाए। लेकिन गलती से उसने 'अल्ट्रा मैग्नेटिक चिप' लगा दी, जिससे सारे रोबोट आपस में जुड़कर एक विशालकाय इस्पात सेना (स्टील ट्रूप्स) में बदल गए।
नोबिता, शिजुका, गियान और सुनेओ ने मिलकर योजना बनाई। डोरेमॉन ने 'एंटी मैग्नेट डिवाइस' दी। नोबिता ने अपनी दिमागी चाल से मेटल किंग का ध्यान भटकाया, और बाकी सबने उसकी पावर चिप हटा दी। doraemon nobita and the steel troops hindi
शहर बच गया, और नोबिता समझ गया कि सबसे बड़ी ताकत दोस्ती और ईमानदारी है।
मेटल किंग ने नोबिता से कहा, "तुम्हारी सच्ची ताकत तुम्हारा दोस्तों के प्रति प्यार और जिम्मेदारी है, न कि कोई यांत्रिक शक्ति।"
यहाँ "डोरेमॉन: नोबिता और स्टील ट्रूप्स" विषय पर एक रोमांचक हिंदी कहानी प्रस्तुत है: एक दिन नोबिता स्कूल से बहुत उदास लौटा। उसने डोरेमॉन को बताया, "गियान और सुनेओ हमेशा मुझे कमजोर कहते हैं। काश मैं भी ताकतवर होता!"