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सीमा की माँ बीमार रहने लगी थी। डॉक्टर ने कहा कि बच्चा पेट में है, लेकिन माँ कमज़ोर हो रही थी। रणवीर ने सीमा से कहा, “किताबों में मुंह मत लगाओ। असली दुनिया खून और मिट्टी से बनी है।”
, एक 11 साल की लड़की, अपनी माँ और नए पिता कैप्टन रणवीर सिंह के साथ एक पहाड़ी किले में रहती थी। रणवीर सिंह एक कठोर सेना अधिकारी था। वह नक्सलियों को खत्म करना चाहता था, और उसका दिल पत्थर का था।
“यह तुम्हें रास्ता दिखाएगी,” पैन ने कहा। रणवीर किले में लौटा। उसने देखा कि सीमा अपने नवजात भाई को गोद में लिए हुए है। माँ मर चुकी थी। रणवीर ने सीमा पर पिस्तौल तान दी।
सीमा भागी। उसकी माँ की तबीयत बिगड़ गई थी। प्रसव पीड़ा शुरू हो गई थी। रणवीर ने फैसला किया कि वह बच्चे को बचाएगा, माँ को नहीं। सीमा वापस भूलभुलैया में पहुँची। पैन ने उससे कहा, “एक रास्ता है। तुम अपनी माँ की जान ले सकती हो, और राजकुमारी बन सकती हो। या तुम इंसान रह सकती हो और अपने छोटे भाई को बचा सकती हो।” pans labyrinth hindi
पैन ने सीमा को एक चाकू दिया और कहा, “तुम्हें अपनी माँ के दूध की एक बूँद चाहिए। उसके बच्चे के खून की एक बूँद चाहिए। अन्यथा राजकुमार नहीं जागेगा।” सीमा ने मना कर दिया। “मैं किसी की हत्या नहीं करूँगी, चाहे वह अजन्मा बच्चा ही क्यों न हो!” पैन ने गुस्से में उससे कहा, “तो तुम हमेशा इंसान ही रहोगी, और एक दिन मर जाओगी।”
रणवीर को पता चल गया था। उसने सीमा को जंगल में घसीटते हुए पुकारा, “तू नक्सलियों से मिलती है, है ना?” उसने उसके हाथ से जादू की चॉक छीन ली, जिससे भूलभुलैया के दरवाजे खुलते थे।
उस रात, सीमा ने सपना देखा — वह राजकुमारी नावलि के महल में थी। पैन ने कहा, “तुमने मना कर दिया, और यही सबसे बड़ा जादू है। अब तुम हर उस बच्चे की राजकुमारी हो जो अंधेरे में अकेला है।” एक 11 साल की लड़की
(Pan's Labyrinth: The Secret of the Forest) अध्याय 1: सिपाही की बेटी 1947 का दौर था। आज़ादी के बाद का दंगल। सिंध से आए शरणार्थी अपनी ज़मीनों के लिए तरस रहे थे, और एक तरफ जंगलों में नक्सलियों की गूंज थी।
“तुमने उसे मारा?” उसने गरज कर कहा।
भूलभुलैया के बीच में एक बूढ़ा आदमी बैठा था। उसका चेहरा हिरण की तरह था, और आँखों में चाँदनी थी। “तुमने मना कर दिया
रणवीर पागल हो गया। वह जंगल में भागा, और कभी वापस नहीं लौटा। सीमा अपने छोटे भाई को लेकर गाँव के एक मंदिर में पहुँची। उसने उस मिट्टी की गुड़िया को मंदिर के पीपल के पेड़ के नीचे दफन कर दिया।
उसने सीमा को एक साधारण सी चीज़ दी — , जिसके अंदर उसकी दादी की आत्मा बंद थी।
जब सीमा की आँख खुली, तो उसके भाई के हाथ में एक सुनहरा पर था — और भूलभुलैया का दरवाज़ा उसकी यादों में बंद हो गया। – “सच्ची अमरता वह नहीं जो तुम पाते हो, बल्कि वह जो तुम दूसरों के लिए बनाते हो।”
लेकिन सीमा को किताबों की परियों की कहानियों में विश्वास था। खासकर उस कहानी में जो उसकी सगी दादी ने बताई थी— एक ऐसी भूलभुलैया जो जंगल के अंदर है, जहाँ एक राजकुमार सदियों से सो रहा है। एक शाम, सीमा किले के पीछे जंगल में भटक गई। उसने देखा—बबूल और बरगद के पेड़ों के बीच एक पुराना, टूटा-फूटा दरवाज़ा था। उस पर नक्काशी थी: चाँद, तारे, और एक मोर।