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A Dream In Hindi - Requiem For

हैरी भुजा कटवाकर बिस्तर पर कराहता है। टायरोन जेल में सिसकता है। मैरियन पार्टी के बाद मैरियन के पास आती है और हैरी से मिलने के लिए उसे वेश्या बना दिया जाता है। सारा को अस्पताल के बिस्तर पर झटके दिए जाते हैं।

"यह कहानी सिर्फ हेरोइन की नहीं है। यह उस हेरोइन की है, जो हर इंसान के अंदर बैठी है - 'उम्मीद' की लत। और जब उम्मीद मर जाती है, तो बचता है सिर्फ एक 'रिक्विम'... एक मातम।" यदि आपने फिल्म नहीं देखी है, तो मानसिक रूप से तैयार होकर देखें। और हाँ, 'लक्स एटरना' गाना सुनने के बाद आप कुछ दिनों तक उसकी गूंज अपने दिमाग में सुनेंगे। requiem for a dream in hindi

सभी चारों एक ही मुद्रा में (भ्रूण की मुद्रा - Fetal Position) सिकुड़ जाते हैं। फिल्म का नारा है: requiem for a dream in hindi

डैरेन एरोनोफ्स्की का 'रिक्विम फॉर ए ड्रीम' (Requiem for a Dream) सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक मनोवैज्ञानिक आघात है। 2000 में रिलीज़ हुई यह फिल्म आज भी उतनी ही ताज़ा और डरावनी लगती है। जहां बॉलीवुड अक्सर नशे को 'ग्लैमराइज़' करता है (जैसे 'डीडीएलजे' में शराब या 'उड़ता पंजाब' जैसी फिल्मों में इसकी सच्चाई बयां की गई), वहीं एरोनोफ्स्की की यह फिल्म नशे और लत को एक डरावने, बेहद यथार्थवादी और दर्दनाक स्तर पर दिखाती है। requiem for a dream in hindi

हैरी भुजा कटवाकर बिस्तर पर कराहता है। टायरोन जेल में सिसकता है। मैरियन पार्टी के बाद मैरियन के पास आती है और हैरी से मिलने के लिए उसे वेश्या बना दिया जाता है। सारा को अस्पताल के बिस्तर पर झटके दिए जाते हैं।

"यह कहानी सिर्फ हेरोइन की नहीं है। यह उस हेरोइन की है, जो हर इंसान के अंदर बैठी है - 'उम्मीद' की लत। और जब उम्मीद मर जाती है, तो बचता है सिर्फ एक 'रिक्विम'... एक मातम।" यदि आपने फिल्म नहीं देखी है, तो मानसिक रूप से तैयार होकर देखें। और हाँ, 'लक्स एटरना' गाना सुनने के बाद आप कुछ दिनों तक उसकी गूंज अपने दिमाग में सुनेंगे।

सभी चारों एक ही मुद्रा में (भ्रूण की मुद्रा - Fetal Position) सिकुड़ जाते हैं। फिल्म का नारा है:

डैरेन एरोनोफ्स्की का 'रिक्विम फॉर ए ड्रीम' (Requiem for a Dream) सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक मनोवैज्ञानिक आघात है। 2000 में रिलीज़ हुई यह फिल्म आज भी उतनी ही ताज़ा और डरावनी लगती है। जहां बॉलीवुड अक्सर नशे को 'ग्लैमराइज़' करता है (जैसे 'डीडीएलजे' में शराब या 'उड़ता पंजाब' जैसी फिल्मों में इसकी सच्चाई बयां की गई), वहीं एरोनोफ्स्की की यह फिल्म नशे और लत को एक डरावने, बेहद यथार्थवादी और दर्दनाक स्तर पर दिखाती है।